रविवार, 7 मई 2017

*वजन कम करने में राई के दाने बहुत उपयोगी है*

*वजन कम करने में राई के दाने बहुत उपयोगी है*
विधि:-        
एक तांबे का बर्तन ले और उसे 6 फ़ीट ऊपर धूप में रख दें,
फिर 1 किलो राई के दाने जमीन पे बिखेर दें,,और फिर राई का एक एक दाना जमीन पर से उठा के ऊपर रखे बर्तन में तब तक डालें,,जब तक राई खत्म न हो जाये,, ये सत्य और आजमाया हुआ तरीका है,,जरुर ट्राय करें,,

--वैद्य काशी

रविवार, 29 जनवरी 2017

*चश्मा हटाने, दाद और दाग ठीक करने का नि:शुल्क चमत्कारिक उपाय*

चश्मा हटाने, दाद और दाग ठीक करने का नि:शुल्क चमत्कारिक उपाय

   

भाई, बहनो आज मैं आपको मुह की लार का महत्व बता रहा हूँ

ये सभी उपाय रात्रि में सोने से पहले दातों को साफ करके सोएँ और फिर सुबह उठकर बीना कुल्ला किये बिना थूके प्रयोग करे। ये मुह की लार हमारे शरीर की सर्वोत्तम अमृत तुल्य औषिधि है। जो केसा भी चश्मा हो उसको उतारने का गुण रखती है केसा भी दाद हो उसको ठीक करने का गन रखती है, लार बाज़ार में नही मिलती यह सभी के मुँह में भगवान ने उपहार स्वरुप दी है। आइये जाने लार क्या क्या कर सकती है।

लार के 5 महत्त्वपूर्ण फायदे

जिनको भी चाहे कितने भी नंबर के मोटे चश्मे लगे हो वे भाई बहन सुबह उठकर पानी का कुल्ला किये बिना जो लार रात भर में इकट्ठी हुई वो आखों में काजल या गुलाब जल की तरह लगानी है यह आप रात को सोते समय और  सुबह 5 बजे उठकर बेड पर लगाये ताकि मुँह 1-2 घंटे बाद धोये तो लार का अपना काम कर सके। यकीन मानिये यह प्रयोग अद्भुत चमत्कारिक है श्री राजीव भाई जी दीक्षित कहते है की कैसा भी चश्मा हो उतरने के 100% आसार रहते है लेकिन आपको प्रयोग तब तक जारी रखना पड़ेगा जब तक आपके चश्मे का नंबर धीरे धीरे कम होकर शून्य हो जाये परिणाम 100%  मिलेगा लेकिन कुछ वक़्त लगेगा और लार का कोई साइड इफ़ेक्ट नही है लार से तो आँखों की रौशनी (6/6) भी बढ़ती है।
जिन लोगों के जलने से शरीर के किसी भी भाग में कोई दाग हो और नही जा रहा हो वे इसी लार की मालिश करें दाग त्वचा के रंग का होने लगेगा।
डायबिटीज के रोगियों को जहाँ चोट लगी है वहां सुबह की लार लगाये घाव भरने लगेगा।
यदि किसी भाई बहन के आखों के नीचे काले घेरे हो गये हैं । वो सुबह मे मुह की लार से मालिश करें धीरे धीरे, तो ये काले घेरे ठीक हो जायेंगे लेकिन प्रयोग 1-2 महीने करना पड़ेगा।
जिन लोगों के दाद हो गये हैं वे भी इस लार को प्रतिदिन सुबह उठते ही बिना कुल्ला किये रात भर की इकट्ठी मूंह की लार लगाये दाद देखते ही देखते छूमंतर हो जायेगा।

*टी बी को घरेलू उपायों से भी सही किया जा सकता है*

टी बी को घरेलू उपायों से भी सही किया जा सकता है

टीबी एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है जिससे हमारे देश में मुख्य रूप से युवा और कामकाजी लोग प्रभावित हैं। यह दुर्भाग्य है कि देश में आज भी इस बीमारी के कारण प्रति दो मिनट में एक व्यक्ति की मौत होती है।इस बीमारी के इलाज और बचाव के बारे में जागरूकता फैलाने की अत्यंत आवश्यकता है। आज हम आपको टी बी की बीमारी के घरेलू उपचार बताएंगे। यदि टी बी का इलाज नहीं किया गया तो इससे इंसान की मृत्यु भी हो सकती है।कोई भी  घरलू उपचार तब तक काम करता है जब तक कि आप अच्छा परहेज और नियमित तौर पर बताई गई घरेलू दवाई लेते रहें। यह बीमारी अगर ज्यादा बढ़ रही है तो अपने डॉक्टर से जरुर संपर्क करें।

ग्रीन टी

ग्रीन टी को पानी में अच्छी तरह से उबाल कर पियें। यह उस बैक्टीरिया का खात्मा करती है जो टीबी को पैदा करता है। साथ ही यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमताओं को बढ़ाती भी है।

सीताफल

एक कप पानी में सीताफल के गूदे को 25 किशमिश के साथ उबालें। जब पानी एक तिहाई हो जाए तब तक इसे पकाएं। फिर इस मिश्रण को छान लें और उसमें 2 छोटे चम्मच चीनी और चुटकी भर इलायची पावडर मिलाएं। ठंडा कर के दिन में दो बार रोज पियें।

पुदीना

इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होता है जो कफ से निजात दिलाता है। यह फेफडे़ को भी खराब होने स बचाता है। आधा कप गाजर के जूस में, 1 चम्मच पुदीने का रस, 2 चम्मच शहद और 2 चम्मच शुद्ध सिरका मिलाएं। इस मिश्रण को तीन भाग में बांट लें और हर एक घंटे में पियें।

केला

केले में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है जिससे टीबी के रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह कफ और बुखार को दूर भगाता है। रोगी को 1 गिलास कच्चे केले का जूस  रोजाना पीना चाहिये।

काली मिर्च

काली मिर्च फेफड़े की सफाई करती है और टीबी की वजह से होने वाले दर्द को दूर करती है। 10 काली मिर्च के दाने को घी के साथ फ्राई कर लें। फिर उसमें एक चुटकी हींग पावडर डाल कर मिक्स कर के ठंडा कर लें। मिश्रण को 3 भाग में बांटें और एक डोस को हर एक घंटे में चबाएं।

लहसुन

यह कीटाणुओं का नाश करती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं साथ ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। इसे कच्चा या पका कर खाना चाहिये। इसे खाने का एक तरीका है कि 10 लहुसन की कलियों को एक कप दूध में उबाल लें। फिर उबली हुई कलियों को चबा कर खा लें और ऊपर से दूध पी लें। ऐसा कुछ दिनों के लिये करें। पानी ना पियें नहीं तो यह असर नहीं करेगी।

संतरा

एक गिलास ताजे संतरे के रस में एक चुटकी नमक और एक चम्मच शहद मिक्स कर के पियें। इसे दिन में दो बार पियें।

आंवला

यह शरीर को कई तरह के पोषण पहुंचा कर उसे मजबूती प्रदान करता है। इसका जूस निकाल कर उसमें एक चम्मच शहद मिला कर रोजाना खाली पेट पीन से यह बीमारी दूर होती है।

सहिजन

यह टीबी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से छुटकारा दिला सकता है। यह फेफड़ों की सूजन को कम करता है संक्रमण से राहत दिलाता है। आप सहिजन की मुठ्ठीभर पत्तियों को 1 कप पानी में 5 मिनट के लिये गरम कर के ठंडा होने के बाद उसमें नमक, मिर्च और नींबू निचोड़ कर रोगी को पीने के लिये दे सकते हैं। इसे रोजाना सुबह खाली पेट पीना चाहिये। इसके अलावा उबली सहिजन का रोजाना सेवन करने से भी राहत मिलती है।

*घरेलू अचूक 10 नुस्खे*


*घरेलू अचूक 10 नुस्खे*
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जब बाल झड़ रहे हों

1. नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।
2. बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। फायदा होगा।
3. दस मिनट का कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ (रूसी) भी नहीं होगी।

कफ और सर्दी जुकाम में

सर्दी जुकाम, कफ आए दिन की समस्या है। आप ये घरेलू उपाय आजमाकर इनसे बचे रह सकते हैं।

1. नाक बह रही हो तो काली मिर्च, अदरक, तुलसी को शहद में मिलाकर दिन में तीन बार लें। नाक बहना रुक जाएगा।
2. गले में खराश या ड्राई कफ होने पर अदरक के पेस्ट में गुड़ और घी मिलाकर खाएं। आराम मिलेगा।
3. नहाते समय शरीर पर नमक रगड़ने से भी जुकाम या नाक बहना बंद हो जाता है।
4. तुलसी के साथ शहद हर दो घंटे में खाएं। कफ से छुटकारा मिलेगा।

शरीर, सांस की दुर्गध में

यह परेशानी भी आम है। कई बार तो हमें इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ जाता है।

1. नहाने से पहले शरीर पर बेसन और दही का पेस्ट लगाएं। इससे त्वचा साफ हो जाती है और बंद रोम छिद्र भी खुल जाते हैं।
2. गाजर का जूस रोज पिएं। तन की दुर्गध दूर भगाने में यह कारगर है।
3. पान के पत्ते और आंवला को बराबर मात्रा में पीसे। नहाने के पहले इसका पेस्ट लगाएं। फायदा होगा।
4. सांस की बदबू दूर करने के लिए रोज तुलसी के पत्ते चबाएं।
5. इलाइची और लौंग चूसने से भी सांस की बदबू से निजात मिलता है।

उच्च रक्त चाप

1- कुछ दिनों तक लगातार आधा चम्मच मैथी दाना का पॉउड़र पानी के साथ लेने से उच्च रक्त चाप में लाभ होता है।
2- तुलसी के पाँच पत्ते और नीम के दो पत्ते कुछ दिनों तक लेने से उच्च रक्त चाप मे लाभ होता है।

3- तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से उच्चरक्त चाप में लाभ होता है।

4-दो कली लहसुन की खाली पेट लेने से उच्च रक्त चाप में फायदा होता है।
5- लौकी का एक कप रस सुबह खाली पेट लेने से उच्च रक्त चाप कम होने में फायदा करता है।
6- प्रतिदिन एक चम्मच तुलसी के पत्तों का रस लेना सभी रोगों में लाभकारी होता है।

पैर में मोच आ जाय

1- आक या पान का पत्ता या आम का पत्ते को चिकना कर नमक लगा कर उस स्थान पर बांधने से काफी लाभ होता है।
2- चोट लगने पर नमक में काले तिल, सूखा नारियल और हल्दी मिला कर पीस कर गरम कर चोट वाले स्थान पर बांधने से आराम मिलता है।

घुटनों के दर्द के कुछ उपाय

1- सुबह खाली पेट तीन-चार अखरोट की गिरियां निकाल कर कुछ दिनों तक खाना चाहिए। इसके नियंत्रित सेवन से घुटनों के दर्द में आराम मिलता है। नारियल की गिरी भी खाई जा सकती है। इससे घुटनों के दर्द में राहत मिलती है।

अस्थमा की समस्या

1- तुलसी के पत्तों को अच्छी तरह से साफ कर उनमें पिसी काली मिर्च डालकर खाने के साथ देने से दमा नियंत्रण में रहता है।
2- गर्म पानी में अजवाइन डालकर स्टीम लेने से भी दमे को नियंत्रि‍त करने में राहत मिलती है।

किड़नी में पथरी की समस्या

तीन हल्की कच्ची भिंड़ी को पतली-पतली लम्बी-लम्बी काट लें। कांच के बर्तन में दो लीटर पानी में कटी हुई भिंड़ी ड़ाल कर रात भर के लिए रख दें। सुबह भिंड़ी को उसी पानी में निचोड़ कर भिंड़ी को निकाल लें। ये सारा पानी दो घंटों के अन्दर-अन्दर पी लें। इससे किड़नी की पथरी से छुटकारा मिलता है।

पेट में वायु की अधिकता

1- ऐसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए भोजन के बाद 3-4 मोटी इलायची के दाने चबा कर ऊपर से नींबू पानी पीने से पेट हल्का होता है।

2- सुबह-शाम 1/4 चम्मच त्रिफला का चूर्ण गर्म पानी के साथ लेने से पेट नर्म होता है।

3- अजवायन और काला नमक को समान मात्रा में मिला कर गर्म पानी से पीने से पेट का अफारा ठीक होता है।

नाभि के अपने स्थान से खिसक जाने पर

1- मरीज़ को सीधा लिटाकर उसकी नाभि के चारों ओर सूखे आंवले का आटा बना कर उसमें अदरक का रस मिलाकर बांध दें और दो घंटों के लिए सीधा ही लेटे रहने दें। दो बार ऐसा करने से नाभि अपने स्थान पर आ जायेगी। दर्द और दस्त जैसे कष्ट भी दूर होंगे।
2- ऐसे समय में मरीज़ को मुंग की दाल वाली खिचड़ी खाने में देनी चाहिए।
3- अदरक और हींग का सेवन भी फायदा करता है।

दस्त की समस्या

1- खाना खाने के बाद एक कप लस्सी में एक चुटकी भुना ज़ीरा और काला नमक ड़ाल कर पीएं। दस्त में आराम आयेगा।

2- अदरक का रस नाभि के आस-पास लगाने से दस्त में आराम मिलता है।
3- मिश्री और अमरूद खाने से भी आराम मिलता है।
4- कच्चा पपीता उबाल कर खाने से दस्त में आराम मिलता है।

बार-बार मूत्र आये

1- सुबह-शाम एक-एक गुड़ और तिल से बना लड्ड़ु खाना चाहिए।
2- शाम के समय काले भुने हुए चने छिल्का सहित खाएं और एक छोटा सा टुकड़ा गुड़ का खाकर पानी पी लें

*पुराने जोड़ों के दर्द, बालों तथा त्‍वचा के रोगो के लिए कपूर का तेल*

पुराने जोड़ों के दर्द, बालों तथा त्‍वचा के रोगो के लिए कपूर का तेल

● कपूर का प्रयोग हर घर में पूजा-पाठ के लिये किया जाता है। कपूर या फिर कपूर का तेल बालों तथा त्‍वचा के रोगों के लिये काफी अच्‍छा माना जाता है। यह जले कटे निशान को भी ठीक करता है। आयुर्वेदा में भी कपूर के तेल का प्रयोग काफी ज्‍यादा किया जाता है। कपूर घर में आसानी से पाया जाता है इसलिये आप इसे आराम से प्रयोग कर सकती हैं। पुराने जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए कपूर उपयोगी औषधि है।

● कपूर का तेल बनाने की विधि :-
कपूर का तेल बनाना बहुत आसान है। वैसे तो यह बाजार में कैंफर ऑयल के नाम से ब‌िकता ही है, लेक‌िन आप घर पर ही इसे तैयार करना चाहते हैं तो नारियल तेल में कपूर के टुकड़े डालकर एक एयर टाइट डिब्बे में बंद कर दें।

》 आइये जानते हैं कपूर का बहुमूल्‍य प्रयोग और उसके फायदों के बारे में –

1) मुंहासे रोके :-
एक्‍ने, पिंपल और फिर उनके दाग, काफी आम सी समस्‍या है। कपूर का तेल चेहरे पर लगाने से मुंहासों में कमी आती है तथा उनके दाग भी धीरे धीरे कम होने लगते हैं। इसके अलावा कपूर हर तरह के त्‍वचा रोग को ठीक करने में भी मदद करता है।

2) घाव और जलन के निशान मिटाए :-
अगर हाथा आग से जल गया है या फिर उस पर खरोच आदि आ गई है तो भी कपूर सहायक है। थोड़ा सा कपूर थोड़े से पानी में मिला कर प्रभावित स्‍थान पर लगा लें। ऐसा कुछ दिनों के लिये करें और देखें कि दाग कैसे गायब हो जाता है।

3) फटी एड़ियों के लिये :-
कपूर फटी एडियों की दरार को मुलायम बना कर उन्‍हें भर देता है। गरम पानी में थोड़ा सा कपूर डाल कर, उसमें पैर भिगोने के बाद स्‍क्रब करें और ऐसा ही कुछ दिनों तक करें। इसके बाद एडियों पर अच्‍छी क्रीम लगा लें।

4) स्‍किन रैश और लालिमा दूर करे :-
अगर आपकी त्‍वचा पर हर दिन लाल रंग के चकत्‍ते दिखाई देते हैं, तो उसे ठीक करने के लिये कपूर को थोड़े से पानी में मिला कर पेस्‍ट बनाएं और प्रभावित स्‍थान पर लगाएं। ऐसा कई दिनों तक करें। धीरे धीरे आपको रिजल्‍ट दिखने लगेगा।

5) बालों के लिये :-
कपूर बालों के लिये भी अच्‍छा माना जाता है। कपूर के तेल को सुगन्‍धित तेल के साथ मिक्‍स कर के सिर पर लगाने से बाल दुबारा उग आते हैं और तवान भी कम हो जाता है। यह बालों को जड़ से मजबूत बनाता है।

6) बालों को झड़ने से रोके :-
कपूर के तेल से नियमित रूप से सिर की मसाज करने से बालों का झड़ना रूक जाता है।

7) पुराने जोड़ों का दर्द
कपूर के तेल से जोड़ो पर निरंतर मालिश करने से जोड़ो के दर्द में बहुत आराम आता हैं।

*रोजाना ऐसा करने से नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत*


रोजाना ऐसा करने से नहीं होगी गैस की समस्या, सिरदर्द से मिलेगी राहत
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हमारे आस-पास कई ऐसी चीजें होती हैं, जिनका सेवन तो हम रोजाना करते हैं, लेकिन उनके गुणों से अनजान ही रहते हैं। आइए आज हम आपको ऐसी ही कुछ इस्तेमाल की जाने वाली चीजों के बारे में बताते हैं जो कई गुणों से भरपूर हैं।

लगातार बैठ कर काम करने और खान-पान सावधानी नहीं रखने के कारण गैस की समस्या आज आम हो गई है। इस रोग में डकारें आना, पेट में गैस भरने से बेचैनी, घबराहट, छाती में जलन, पेट में गुड़गुडाहट, पेट व पीठ में हलका दर्द, सिर में भारीपन, आलस्य व थकावट तथा नाड़ी दुर्बलता जैस लक्षण देखने को मिलते हैं। कभी-कभी भूख नहीं लगने पर भी कुछ न कुछ खाने की बेवजह आदतों से भी पेट में एसिडिटी बनने लगती है।

यदि आप सही मायने में अपनी बीमारी कम करना चाहते हैं, तो आपको उसके लिए कुछ कारगार नुस्खे अपनाने की जरूरत है। कुछ घरेलू नुस्खे भी है, जिनको अपनाकर आप कई बीमारियां कम कर सकते हैं।

मिलेगी राहत...

पान के पत्तों पर हल्का-सा तेल लगा लें। फिर गैस पर गर्म करें। इसे मोच वाले स्थान पर लगाने से दर्द से राहत मिलती है और सूजन भी कम होगी।

कम होगी जलन...

अचानक हाथ जल जाने पर बहुत तेज जलन होने की स्थिति में प्याज को आधा काटकर जलन वाले स्थान पर लगाएं। जलन कम होगी।

मिलेगा आराम...

खाना खाने के बाद एक लहसुन की कली को चार मुनक्का के साथ लेने से बार-बार होने वाली गैस की समस्या से छुटकारा मिलेगा। पेट दर्द में भी राहत मिलेगी।

जुकाम होगा ठीक...

जुकाम होने पर अदरक पाउडर, घी और गुड़ समान मात्रा में लेकर मिलाएं और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। जुकाम जल्द ही ठीक हो जाएगा।

मालिश से होगा फायदा ...

तिल के तेल में कालीमिर्च पाउडर मिलाकर गर्म करें। इससे पक्षाघात में निष्क्रिय हुए हिस्सों की नियमित रूप से मालिश करें। फायदा नजर आएगा।

निकल जाएगी धूल...

यदि आपकी आंखों में डस्ट पार्टिकल्स चले गए हों तो आंखें बंद करके थोड़ी देर जानबूझकर खांसें। धूल का कण निकल जाएगा।

दाद का घरेलू इलाज...

दाद होने पर सूखी नीम व हल्दी पाउडर समान मात्रा में सरसों के तेल में मिलाएं। इसे एक घंटा लगाकर धो लें। दाद ठीक होने तक रोज लगाएं।

एक्जिमा से निजात...

चंदन पाउडर में दूध और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं। एक्जिमा के स्थान पर लगाएं। सूखने पर गुनगुने पानी से नहाएं। कुछ दिनों में एक्जिमा ठीक होगा।